Thursday, March 4, 2010

आना तेरा

"वो जब -जब आया मेरे पास,

जिन्दगी ही लेकर आया

पर मैं उस से जिन्दगी के बदले,

एक मौत ही मांगती रही"

15 comments:

  1. its beyond my strength to say anything about ur poems they r nice but it seems me that u have lots of pain or complain, i dont no what to say but may be one day i will read some poem from u about of happiness of life or love............. best wishes for u always, keep writing

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  2. बहुत अच्‍छा लिखा। धन्‍यवाद
    सुनील पाण्‍डेय

    नई दिल्‍ली

    09953090154

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  3. गम से भी "गमगीन" - बहुत खूब - हार्दिक शुभकामना एवं शुभ आशीष.

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  4. भावना जी.....आपके ब्लॉग नाम की तरह आपकी कविता भी गहराईयों वाले अर्थों से परिपूर्ण है....इस सुंदर और सरस ब्लॉग के साथ वेब मीडिया की इस दुनिया में आपका स्वागत है...लिखते रहिये...कहते हैं दिल से निकली बातों में असर होता है.....संभव है इसी बहाने दुनिया भी जिंदगी और मौत की अन्तेर को महसूस कर ले...!!

    और हाँ..एक बात और....कृपया वर्ड वेरिफिकेशन हटा दीजिये...इसे हटाना जितना आसान है..भरना उतना ही मुश्किल..

    आपकी कविता जीवन भी अच्छी है, रंग भी और दूसरी नज्में भी...पर एक बात याद दिलाना चाहता हूँ...कि....
    जिंदगी हर कदम इक नयी जंग है.

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  5. *जय श्री राम......... | स्वागत है आप का ............ | ............मैं एक अंक ज्योतिषी और
    बॉडी लैंग्वेज-विशेषज्ञ हूँ | इस विधा को अधिकाधिक विस्तार देने के लिए
    प्रयासरत हूँ | इसी दिशा में नवीन प्रयास हैं मेरे ब्लॉग ---http://
    ankjyotish369.blogspot.com एवं http://ankjyotish369.wordpress.com | इन
    ब्लॉगों पर आप अंक ज्योतिष और बॉडी लैंग्वेज पर आधारित विविध विषयक
    विश्लेषणात्मक एवं भविष्यवाणीपरक आलेख पाएँगे,जिन में हर शुक्रवार को रिलीज़
    होने वाली फिल्मों से सम्बंधित भविष्यवाणी भी होगी | आप इन ब्लॉगों पर
    नि:शुल्क परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं---हर मंगलवार (tuesday) को | जिन को
    अपनी जन्म-तारीख़ सही-सही पता नहीं है,वे भी परामर्श प्राप्त कर सकते हैं | इन
    ब्लोगों के समर्थकों और अनुसरणकर्ताओं को उन के जन्म के मूलांक का अंकज्योतिष
    और बॉडी लैंग्वेज पर आधारित परामर्श सहित विश्लेषण भेजा जाएगा | तो आइए मेरे
    ब्लॉगों *पर |*.........सप्रेम...डॉ.कुमार गणेश
    369-*जयपुर-+91-99298-42668,+91-90241-79535

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  6. Bhavna jee,
    apkee yah rachana sahitya kee drishti se to behatareen hai----par itane nirashapoorn bhav kyon?

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  7. वजूद ...?
    हँस कर जी कर सुमन बन |
    सपने कर आबाद ||
    इस सुमन का मोल क्या |
    मुरझाने के बाद ||

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  8. Anek shubhkamnaon sahit swagat hai!

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  9. Anek shubhkamnayen sweekar karen!

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  10. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

    कलम के पुजारी अगर सो गये तो

    ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

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  11. इस शुरुआत पर तमाम शुभकामनाएं.
    जारी रहें.

    [उल्टा तीर]

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  12. इस नए चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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sabd mere hai pr un pr aap apni ray dekr unhe nya arth v de skte hai..